BEST IMMUNITY BOOSTER & ABUNDANT SOURCE OF VITAMIN C : ANWALA JUICE सबसे अच्छा इम्युनिटी बूस्टर एवं विटामिन सी का प्रचुर स्रोत : आंवला-रस

सबसे अच्छा इम्युनिटी बूस्टर एवं विटामिन सी का प्रचुर स्रोत : आंवला 

BEST IMMUNITY BOOSTER & ABUNDANT SOURCE OF VITAMIN C : ANWALA JUICE

           आंवला शरीर के लगभग 300 कार्यों में अत्यधिक सहायक होता है

                                                    

प्रकृति का एक शक्तिशाली अमृत फल आंवला, विटामिन सी का प्रचुर भंडार और बढ़ाए रोग प्रतिरोधक क्षमता  

आयुर्वेद के अनुसार पृथ्वीं पर पाई जाने वाली सर्वोत्कृष्ट औषधियों  में आँवले का महत्व अधिक है।  भारतीय आंवला, जिसे संस्कृत में अमृता, अमृतफल, आमलकी, पंचरसा इत्यादि एवं वैज्ञानिक नाम  रिबीस यूवा-क्रिस्पा के नाम से भी जाना जाता है ।

आंवला एक पेड़ का पौष्टिक फल है जो मुख्य रूप से भारत, मध्य पूर्व और कुछ दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में उगता है। भारतीय करौदा या आंवला निर्विवाद रूप से पोषक तत्वों का भंडार है, यह फल अपने प्रचुर या उच्च विटामिन सी,आवश्यक खनिज और अन्य विटामिन जो इसमें शामिल हैं, न केवल हमारे शरीर की भलाई , रोग प्रतिरोधकता के लिए लिए आवश्यक  हैं, बल्कि कुछ सबसे आम और व्यापक बीमारियों को रोकने के लिए अपरिहार्य हैं।

आंवला एक पौष्टिक फल है, इसके गूदे से लेकर बीज तक, फल का हर भाग अच्छी तरह उपयोगी होता है और इसके नियमित सेवन से आपका शरीर स्वस्थ और फिट रह सकता है। । आंवला चाहे हरा हो या सूखा, जो भी इसका नियमित सेवन करेगा, उसकी जीवन शक्ति में प्रचंड वृद्धि होगी, वह निरोग रहेगा। आज के समय में इस सुपरफूड को अक्सर सोशल मीडिया पर पृथ्वी पर सबसे शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट के रूप में प्रचारित किया जाता है। अपने शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट गुणों के कारण, इसका उपयोग हजारों वर्षों से आयुर्वेद में प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य में सुधार करने के लिए किया जाता रहा है। स्वस्थ रहने के लिए हमें रोज जितनी मात्रा में विटामिन सी की आवश्यकता होती है,वह केवल एक आंवला ही पूरा कर सकता है।

आंवला, विटामिन सी का प्रचुर भंडार  शरीर के लगभग 300 कार्यों में अत्यधिक सहायक होता है । मस्तिष्क के कार्यों में विटामिन सी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है इसलिए हम को नियमित रूप से आंवले का सेवन करना चाहिए। संतरे की तुलना में आंवले में 20 गुना ज्यादा विटामिन सी पाया जाता है। 100 ग्राम आंवले में 600 मिलीग्राम विटामिन सी होता है जबकि 100 ग्राम संतरे में 30 मिलीग्राम ही विटामिन सी होता है और सेव फल की तुलना में आंवले में 160 गुना विटामिन सी तथा तीन गुना प्रोटीन होता है। आंवला विटामिन सी का एक उत्कृष्ट स्रोत है, इसलिए यह आपकी प्रतिरक्षा, चयापचय को बढ़ावा देने में मदद करता है और सर्दी और खांसी सहित वायरल और बैक्टीरियल बीमारियों को रोकता है। इसकी पौष्टिक प्रोफ़ाइल भी पॉलीफेनोल्स की एक श्रृंखला के साथ मिलती है जो कैंसर कोशिकाओं के विकास के खिलाफ लड़ने के लिए जानी जाती हैं।

                                                  

आयुर्वेद के अनुसार, आंवले का रस शरीर में सभी प्रक्रियाओं को संतुलित करने के लिए जाना जाता है और तीनों दोषों- वात, कफ, पित्त में संतुलन लाता है। इसका रस पीने से आप कई व्यापक बीमारियों और बीमारियों से सुरक्षित रह सकते हैं, प्रतिरक्षा को बढ़ा सकते हैं और वायरल और जीवाणु संक्रमण को रोकने में मदद कर सकते हैं।

आंवला मस्तिष्क को तेज, श्वास रोगों को दूर, हृदय को मजबूत और नेत्र-ज्योति, आँतों की कार्य शक्ति 


में वृद्धि तो करता ही है साथ ही यकृत (Liver) को स्वस्थ बनाकर पाचन शक्ति में वृद्धि भी करता है।

 

यह रक्त शुद्धि एवं रक्त संचार में गुणकारी है तथा वीर्य का स्रोत है यह आयु वर्धक तथा सात्विक वृत्ति  

उत्पन्न करके ओज एवं कांति को बढ़ाने वाला है।

आश्चर्य की बात यह है कि आंवले को उबालने, पीसने, भाप में पकाने या सुखाने पर भी उसमें उपस्थित विटामिन सी की मात्रा में कोई कमी नहीं आती है। यह गुण किसी भी अन्य फल या साग- सब्जी में नहीं पाया जाता है। आजकल आंवले को जैल या जूस रूप में भी यौवन स्थापक जड़ी- बूटी मानकर रोग प्रतिरोधक शक्ति ( Imunity Power )बढ़ाने के लिए अधिक प्रयोग किया जा रहा है। 

 

आंवले के स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits of Anwala )

 

1.अस्थमा और ब्रोंकाइटिस(Asthma And Bronchitis) से राहत देता है,

2.वसा जलता है (Burns Fat),

3.कब्ज और बवासीर( Constipation And Piles)से छुटकारा दिलाता है,

4.गैस्ट्रिक विकार (Gastric Disorders) का इलाज करता है,

5.एक रक्त शोधक (A Blood Purifier)है,

6.आंखों की रोशनी( Eyesight)में सुधार कर सकते हैं,

7.दिल (Heart) के लिए फायदेमंद,

8.डायबिटीज (Diabetes)को नियंत्रित करता है,

9.कूलिंग एजेंट (Cooling Agent),

10.सूजन सूजन(Soothes Inflammation),

11.ओरल हेल्थ(Oral Health) को बढ़ाता है,

12.अनिद्रा(Insomnia)का उपचार,

13.कैंसर को रोकता है (Prevents Cancer),

14.अस्थि स्वास्थ्य में सुधार (Improves Bone Health),

 15. महिलाओं के मासिक धर्म में ऐंठन (Soothes Menstrual Cramps),

 16.संक्रमण का इलाज करता है(Treats Infections),

 17.एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट (A Powerful Antioxidant),

      18. चमकदार और कांतिमय त्वचा ( Glowing Skin),

      19. स्वस्थ बाल ( Healthy Hair),

      20. वजन प्रबंधन (  weight loss or management )...

आंवला रस के अनेक फायदे (So many benefits of Amla juice)

 आंवला जूस के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, अगर इसे दैनिक आहार में शामिल किया जाए।अपने आहार में आंवला

जोड़ने के सबसे प्रभावी तरीकों में से एक इसका रस है और इसे रोजाना खाली पेट पानी के साथ लेना है।

आंवले का रस थोड़ा खट्टा और कसैला हो सकता हैलेकिन कई गुना स्वास्थ्य लाभ देने वाले गुण रखता है।

यह आपके सिस्टम को साफ करता है, पाचन में सहायक होता है, साफ त्वचा, स्वस्थ  बाल और अच्छी दृष्टि

बनाए रखने में मदद करता है। 

1.आंवले का रस खांसी और फ्लू के साथ-साथ मुंह के छालों के इलाज के लिए एक शक्तिशाली घरेलू 

उपाय के रूप में लिया जा सकता है।

2.मुंह के छालों से छुटकारा पाने के लिए दिन में दो बार पानी में दो चम्मच मिलाएं और इससे गरारे

करें।

 3.रोज दो चम्मच शहद के साथ समान मात्रा में आंवले का रस पीने से सर्दी और खांसी के इलाज में

काफी मदद मिलती है।

4.आंवला जूस आपको कई स्वास्थ्य विकारों जैसे गैस्ट्रिटिस, अस्थमा, पाइल्स, मोटापा, अनिद्रा और 

सांसों की बदबू से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है। यह चिकनी, मुँहासे से मुक्त त्वचा प्रदान 

करने में भी मदद करता है।

5.आंवला रस को बालों के लिए अमृत कहा जा सकता है क्योंकि यह बालों के झड़ने, रूसी, समय से

पहले सफ़ेद होना, और  पिगमेंटेशन से निपटता है।

6.आंवले के रस का नियमित सेवन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद करता है। एमिनो एसिड और 

एंटीऑक्सिडेंट दिल के समग्र कामकाज में सहायता करते हैं।

 7.यह अस्थमा जैसी सांस की बीमारियों के साथ-साथ मधुमेह को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में भी सहायक

है।

8.आंवला की क्षारीय प्रकृति शारीरिक प्रणाली को साफ करने और पाचन तंत्र को मजबूत करने में मदद

करतीहै।

9.विटामिन सी के साथ, आंवला आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस में भी समृद्ध है और इसलिए इसे संपूर्ण

पोषण पेय के रूप में लिया जा सकता है।

10.आंवला में मौजूद अमीनो एसिड और प्रोटीन बालों के विकास, बालों के झड़ने से निपटने और जड़ को

मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

11.यह बॉडी में रेड ब्लड सेल् के निर्माण में सहायक होता है, और ब्लड की कमी नहीं होने देता। कब्,

खट्टी डकार और गैस की समस्या से मुक्ति मिलती है।

12.यह हडि्डयों में मजबूती, नेचुरल ग्लो और जवां त्वचा (Skin ), झुर्रियां, महिलाओं को पीरियड्स में कई

तरह की प्रॉब्लम् जैसे अनियमित पीरियड्स, पेट कमर में दर्दअत्यधिक रक्तस्राव आदि के लिए 

लाभकारी है।

 13.आंवले का जूस पीने से हमारी बॉडी की इम्यूनिटी ( Immunity )बढ़ती है, जिससे हम बिमारियों से

दूर रहते हैं। इतना ही नहीं आंवला बॉडी में मौजूद टॉक्सिस ( Toxins )को बाहर निकाल देता है, जिससे

आप सर्दी-जुकाम, अल्सर (Ulcer )और पेट के इंफेक्शन से बचे रह सकते है।

 

सबसे अच्छा इम्युनिटी बूस्टर पेय : कैसे प्रयोग करें आंवला जूस ?
( Best immunitybooster drink: How to use Anwla Juice )

                                                   

   सुबह सबसे पहले आंवले का रस पीना सबसे अच्छा है। एक छोटे हिस्से (20-30 मिली) को एक गिलास

पानी में पतला कर लें। आप स्वाद बढ़ाने के लिए नींबू का रस और शहद का मिश्रण कर सकते हैं।स्वास्थय 

विशेषज्ञ  मधुमेह के बेहतर प्रबंधन के लिए जामुन (भारतीय ब्लैकबेरी) और करेला का रस (करेलाके साथ

एलोवेरा  एवं आंवले का रस मिलाने का सुझाव देते हैं।

     जो लोग उच्च कोलेस्ट्रॉल के स्तर और बालों के मुद्दों से लड़ रहे हैं, उनके लिए एलोवेरा के रस के साथ

आंवले का रस चमत्कार करता है। इसके अलावा, बेहतर दृष्टि चाहते हैं तो और सोने से ठीक पहले लिया गया

आंवलाका रस काफी हद तक मदद करता है और यह जंक फूड के दुष्प्रभाव को भी कम करने में मदद

करता है।

     आंवला एक ऐसा फल है जो अपने औषधीय गुणों के कारण काफी फेमस है और इसके जूस को हर

किसी को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए। खासतौर पर महिलाओं की डाइट में तो इसकी खास जगह

होनी ही चाहिए क्योंकि इसमें विटामिन सी, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटैशिम, आयरन, कैरोटीन और

विटामिन बी कॉम्पलेक्स जैसे पोषक तत् बहुत अधिक मात्रा में पाए जाते है। शायद यही वजह है कि आंवले

को 100 रोगों की एक दवा माना जाता  है और आंवले की तुलना अमृततुल्य  औषधि से की जाती है। 

  आंवले का जूस रोजाना सिर्फ गुनगुने पानी में लेने से महिलाओं के स्वास्थ्य हेतु बहुत फायदेमंद हो सकता है

और विटामिन सी से भरपूर होने के कारण यह आपकी इम्यूनिटी में सुधार करता है। यह सर्दियों के दौरान 

सर्दी और खांसी से बचाता है। साथ ही आंवला में मौजूद बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट गुण सर्दियों में

प्रदूषण के प्रभाव से सुरक्षा प्रदान करने में हेल् करते है। यह विटामिन और बीटा-कैरोटीन से भरपूर होता 

है जो त्वचा को सॉफ्ट और ग्लोइंग रखते है।

इसके अलावा आंवले का जूस वेट लॉस में वेट कंट्रोल करने में भी आपकी सहायता करता है।

 मधुमेह के रोगियों को ठंडी के मौसम में ताजे आंवले चबाकर खाने से या आमला रसपान से लाभ होता है।

ठंडी के मौसम में 3 से 4 महीने तक रोज दो-तीन ताजे आंवले का रस सुबह खाली पेट पीने से शरीर की

सुस्ती कमजोरी दूर होती है।

 बुखार में आंवले के रस का सेवन करने से मरीज को कमजोरी नहीं आती। सुबह खाली पेट आंवले का सेवन

करने से अधिक लाभ होता है। इससे हल्का बुखार, प्यास ,जलन मिटती है।

आंवला फल के अन्य औषधीय प्रयोग

(Other Medicinal uses of Anwala)

                                       

                          

हर्र, बहेड़ा, आंवला घी-मिश्री संग खाय

हाथी दाबै बगल में ,तीन कोस ले जाए।।

हर्र, बहेड़ा, आंवला जो शहद में खाए

कांख चाप गजराज को, पांच कोस लै जाए।।

 हर्र, बहेड़ा ,आंवला, चौथी डाल गिलोय।

पंचम जीरा डाल के, निर्मल काया होय।।

  • इस प्रयोग से शरीर में गर्मी रक्त चमड़ी त्वचा तथा अन्य पित्त के रोग दूर होते हैं और शक्ति मिलती है।
  • जो मनुष्य आंवले का जैल या रस (जूस)10 से 15 मि.ली., शहद 10 से 15 ग्राम ,मिश्री 10 से 15 ग्राम और घी 20 ग्राम मिलाकर चाटता है तथा पथ्य भोजन करता है ,उससे वृद्धावस्था दूर रहती है।
  • आंवला और घृतकुमारी (एलोवेरा )दोनों को जैल या जूस रूप में साथ में पीने से पित्त का नाश होता है।
  • प्रतिदिन 15 से 20 मि.ली. आंवले का रस तथा एक चम्मच शहद मिलाकर चाटने से आंखों की रोशनी में वृद्धि होती है। सर्दी या कफ की तकलीफ हो तो आंवले के 15 से 20  मि.ली. रस या 1 ग्राम चूर्ण में 1 ग्राम हल्दी मिलाकर लें।
  • 1-2 आंवले और 10 से 20 ग्राम काले तिल रोज सुबह चबाकर खाने से स्मरण शक्ति तेज हो जाती है।
  • आंवले का रस और शुद्ध शहद समान मात्रा में लेकर मिला लें इस मिश्रण को प्रतिदिन रात के समय आंखों में आंजने से आंखों का धुंधलापन कम हो जाता है और इस मिश्रण को पीने से भी फायदा होता है।
  • मैले दांत चमकाने हो तो दांतो पर आंवले के रस से मालिश करें आंवले के रस में सरसों का तेल मिलाकर मसूड़ों पर हल्की मालिश करने से भी बहुत फायदा होता है।
  • 250 ग्राम आंवले के चूर्ण में 50 ग्राम लहसुन पीसकर यह मिश्रण शहद में डूबा कर 15 दिन तक धूप में रखें  उसके पश्चात प्रतिदिन एक चम्मच मिश्रण खा लें ।यह एक उत्तम हृदय पोषक है यह प्रयोग हृदय को मजबूत बनाने वाला एक सरल इलाज है।
  • हृदय रोग, रक्तचाप (बी.पी.) का बढ़ना, मानसिक तनाव (डिप्रेशन )अनिद्रा जैसे रोगों में 20 ग्राम गाजर के रस के साथ 40 ग्राम आंवले का रस बहुत उपयोगी होता है। हृदय रोग में आंवले का मुरब्बा भी लाभकारी है।
  • आधा भोजन करने के पश्चात हरे आंवलों का 30 ग्राम रस आधा गिलास पानी में मिलाकर पी लें फिर से सादा भोजन कर लें यह प्रयोग 21 दिन तक करें इससे हृदय मस्तिष्क की कमजोरी दूर होती है तथा स्वास्थ्य सुधरता है।
  • सूखे आंवले तथा सूखा धनिया समान मात्रा में लेकर रात को कुल्लड़ में इकट्ठे भिगो दें ।सुबह छानकर  मिश्री मिलाकर पिएं, इससे पेशाब की जलन दूर होती है तथा मूत्र रोगों में लाभकारी होता है।
  • दो चम्मच कच्चे आंवले का रस और दो चम्मच कच्ची हल्दी का रस शहद के साथ लेने से प्रमेह मिट जाता है
  • कुछ दिनों तक प्रयोग करने से मधुमेह नियंत्रण में जाता है तथा सभी तरह के मूत्र विकारों से छुटकारा
  • मिल जाता है।
  • कैंसर तथा टी.बी. जैसी खतरनाक व्याधियां आंवले के उपयोग से रोकी जा सकती हैं।
  • स्नान करते समय आंवले के चूर्ण का गाढ़ा घोल यान का ताजा रस लगाकर स्नान करने से शरीर में निखार आता है और बाल रेशम जैसे मुलायम हो जाते हैं।
  • जो मनुष्य आंवले के फल और तुलसी दल से मिश्रित जल से स्नान करता है उसे गंगा स्नान का फल मिलता है ऐसा पदम पुराण के उत्तर खंड  में कहा गया है।
  • भोजन के पहले 1-2 हरे आंवले खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है।भोजन के बीच बीच में हरे आंवले के टुकड़े चबाकर खाने से पाचन क्रिया में सहायता मिलती है। भोजन के बाद आंवले खाने से अम्ल पित्त के कारण पेट तथा गले में होने वाली जलन शांत होती है।
  • आंवले का लगातार प्रयोग अंतरियो में संचित विषैले द्रव्यों टॉक्सिंस को शरीर से बाहर निकाल फेंकता है एवं क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत करके शरीर को नवयौवन एवं नव जीवन प्रदान करता है।
  • आंवले के लाभ के रूप में हम देखें तो यह प्रतिरक्षा एवं चयापचय को बढ़ाता है बैक्टीरिया एवं वायरल से बचाता है।
  • मासिक धर्म के दौरान अधिक रक्तस्राव होने से महिलाओं में आने वाली कमजोरी आंवले के सेवन से कम होती है। रोज लगभग 20 से 30 ग्राम आंवले का मुरब्बा या चूर्ण खाने से भरपूर भरपूर विटामिन सी मिलता है, साथ ही पेट भी साफ रहता है।
  • आंवले का उपयोग करने पर त्वचा पर जमी हुई परत को उतारकर त्वचा को साफ करता है।
  • आमला बुढ़ापे के लक्षण को दूर करता है, आंखों की रोशनी को बढ़ाता है, बालों को मजबूत एवं स्वस्थ रखता है, समय से पहले बालों को सफेद होने से बचाता है।

आप चटनी, मुरब्बा, अचार, जूस या चूरन के रूप में भी इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं। दाल

सब्जी पकाते समय उसमें आंवला डालकर उबालने से भी उसकी पौष्टिकता में भी वृद्धि होती है।

 आंवला प्रयोग करने की सावधानियां 

( Precautions for using Anwla )

1.कभी भी इसे खाली पेट लें  क्योंकि यह हाइपरएसिडिटी   को ट्रिगर कर सकता है, जो काफी दर्दनाक

हो सकता है।

2.आंवले का रस दिन में दो बार से अधिक लेने से मल सख्त हो सकता है, जिससे कब्ज हो सकता है।

3.यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करने के लिए जाना जाता है, जो वास्तव में आपकी दवा में हस्तक्षेप कर

सकता है।

4. कृपया ध्यान दें प्रसूता स्त्रियों को आंवले नहीं खाने चाहिए।

5.अतिशय ठंडे वातावरण में शीत और नाजुक प्रकृति वाले व्यक्तियों को कच्चे आंवले या उनके रस का 

उपयोग नहीं करना चाहिए।

6.आंवले अत्यंत शीतल होते हैं अतः सर्दी-खांसी- बुखार, मंदाग्नि  आदि आम कफ प्रधान व्याधियों में मिश्री

मिली हुई आंवले की सामग्रियों का त्याग करें। ऐसे व्यक्तियों को आंवले को गर्म करके या उष्ण-तीक्ष्ण रूप में

(जैसे चटनी बनाकर ) उपयोग करना चाहिए।


     आप घर पर ही अपना प्राकृतिक डिटॉक्सिफायर बना सकते हैं,आंवला एक प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट है।

आंवला का रस शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालकर रक्त शोधक का काम करता है। इस जूस का

नियमित सेवन आपके रक्त को शुद्ध करता है साथ ही हीमोग्लोबिन और लाल रक्त कोशिका की गिनती को

बढ़ाता है। इसका मतलब है कि आप जिद्दी मुँहासे और अन्य विकारों को अलविदा कह सकते हैं ।

आंवला शरीर को बीमारियों एवं समय बुढ़ापे से दूर रखता है। आंवला अपने औषधीय गुणों के कारण

चमत्कारी पौधा घर का वैद्य अमृत का पौधा इत्यादि नामों से विश्व प्रसिद्ध है।इस प्रकार आंवला एंटीऑक्सिडेंट

से भरा होता है जो आपकी कमजोर प्रतिरक्षा के लिए चमत्कार कर सकता है। यदि हम पोषण तत्वों के बारे में

बात करते हैं, तो आंवला पॉलीफेनोल, विटामिन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, और लोहे में समृद्ध है। यह केवल

विटामिन सी के साथ भरी हुई है जो स्वाभाविक रूप से आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ाता है, बल्कि आंवले में मौजूद

बीटा-कैरोटीन मुक्त कट्टरपंथी गतिविधि से लड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है

            इस प्रकार  विभिन्न स्वास्थ्य संगठनोंविशेषज्ञों और चिकित्सा पत्रिकाओं  के अनुसार प्रतिदिन खाली पेट आंवला जूस पीने के फायदे बताये गए  हैं चूँकि इसमें विटामिन सी की प्रचुरता होती है, इसलिए यह आयरन, कैल्शियम, फॉस्फोरस से भी भरपूर होता है और इसलिए इसे प्रतिरक्षा के लिए पूरे पोषक पेय के रूप में सेवन किया जा सकता है। जो छोटे बच्चों, महिलाओं, वयस्कों और वृद्धों के लिए किसी औषधि से कम नहीं है।

             इन लाभों को जानने के बाद, यदि आप अपने आहार में आंवला शामिल करना चाहते हैं, तो आपको आंवले के मौसम के लिए इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है। आयुर्वेद के अनुसार, आप आंवले का सेवन किसी भी रूप में कर सकते हैं, आपको ताजे आंवले के समान लाभ मिलेगा।


मैंने अपनी पूरी लगन के साथ आपको ये सार्थक जानकारी इस पोस्ट में उपलब्ध करवाई है , आशा है की आप लोगों को पसंद आई होगी , कृपया इस पोस्ट  को अपने मित्रों में भी अवश्य शेयर कीजिये और आप कोई सवाल या टिप्पणी करना चाहें तो स्वागत है 

आपका शुभेच्छु : राघवेंद्र  

 

 


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1 टिप्पणियाँ:

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Unknown
admin
18 जून 2020 को 11:17 pm ×

Good

Congrats bro Unknown you got PERTAMAX...! hehehehe...
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