GRATITUDE - WILL CHANGE THE LIFE ? कृतज्ञता से क्या जीवन बदल जाएगा ?

GRATITUDE - WILL CHANGE THE LIFE ? कृतज्ञता से क्या जीवन बदल जाएगा ?

                                                                     







 कृतज्ञता से क्या जीवन बदल जाएगा ? 

GRATITUDE-WILL CHANGE THE LIFE?

      संसार में दुख क्या है और सुख क्या है इसके बारे में कुछ भी परिभाषित कर सकना बहुत कठिन है । वास्तव में देखा जाए तो यहां ना तो कुछ सुख है और ना ही कुछ दुख। दुखों से छुटकारा पाने और सदा सुखी रहने के लिए परिस्थितियां हमारे अनुकूल होंगी। ऐसा सोचकर हम जीवन व्यतीत करते रहते हैं और अपने आप को सदैव एक तुलनात्मक चिंतन में बनाए रखते हैं , इस तुलनात्मक चिंतन की शैली को हमें बदलना होगा।

"जिसके भी पास है उसे अधिक दिया जाएगा और वह समृद्ध होगा। जिसके पास नहीं है उसके पास जो है वह सब भी उस से ले लिया जाएगा।"...

जब हम उपर्युक्त वाक्यों को पढ़ते हैं तो यह गलत लगते हैं , यह अन्याय पूर्ण लगते हैं यह एक तरह से ऐसा कहने जैसा लगता है कि अमीर लोग ज्यादा अमीर बनेंगे और गरीब लोग गरीब होते जाएंगे लेकिन इन वाक्यों में एक पहेली -एक रहस्य छुपा हुआ है। जब हम इसे सुलझा लेते हैं और इसका सही अर्थ जान लेते हैं तो हमारे सामने इस संसार को समझने की एक नई सोच और ,एक नई दृष्टि मिलती है।

इन वाक्यों का रहस्य समझने के लिए हमें हमारे जीवन में सबसे महत्वपूर्ण शब्द कृतज्ञता को समझना होगा ,

इसी शब्द में इन वाक्यों का जवाब छुपा हुआ है।

यदि हम इस शब्द कृतज्ञता के साथ समायोजित कर इन वाक्यों को पुनः पढ़ें तो इस प्रकार होंगे

" जिसके भी पास कृतज्ञता है उसे अधिक दिया जाएगा और वह समृद्ध होगा जिसके पास कृतज्ञता नहीं है उसके पास जो है वह सब भी उस से ले लिया जाएगा।

कृतज्ञता क्या है ?,यह क्यों महत्वपूर्ण है 

(What is Gratitude?Why it is so important ?)

     कृतज्ञता इस ब्रह्मांड का एक नियम है जो आपके हमारे सभी के जीवन को संचालित करता है। कृतज्ञता वो जादू है जिससे आपका दुनिया को देखने का नजरिया  ही बदल जाता है। इस दुनिया में हमारी हंसी -खुशी और सुख -सुविधा स्वयं हमारे द्वारा अर्जित नहीं है उसमें दूसरों की मेहनत, सहयोग और अनुग्रह भी शामिल है। जीवन की इस महत्वपूर्ण सच्चाई को जो जितनी अच्छी तरह समझ सकेगा उसे इस समाज के प्रति उतनी ही गहरी कृतज्ञता के साथ श्रद्धावनत होना पड़ेगा।

    ब्रह्मांड में एक अणु  से लेकर सभी ग्रहों की गतियां , सारी व्यवस्थाएं एक महान शक्ति अथवा ऊर्जा के द्वारा संचालित हो रही है जहां पर हम कह सकते हैं कि समान ही समान को आकर्षित करता है इस तरह का एक आकर्षण का नियम इस सृष्टि में विद्यमान है। जब हम जिन चीजों को पाते हैं उनके लिए सदैव कृतज्ञता का भाव रखना प्रारंभ कर देते हैं तो उससे उनके परिणामों में अद्भुत परिवर्तन देखने को मिलेगा।

उदाहरण के तौर पर यदि हम सोचते हैं कि—

 मैं अपनी नौकरी को पसंद नहीं करता ,

मेरे पास पर्याप्त धन नहीं है,

 मुझे आदर्श जीवन साथी नहीं मिल सकता,

 मैं अपने बिल नहीं चुका सकता,

मेरा जीवन अस्त-व्यस्त हो गया हैआदि आदि तो हम इन्हीं चीजों को आकर्षित करते रहते हैं और कभी उन से बाहर नहीं निकल पाते।

अब यदि इन्हीं चीजों को हम इस प्रकार सोचते हैं कि

मैं अपनी नौकरी से प्रेम करता हूं

मेरे पास पर्याप्त और प्रचुर मात्रा में धन है। 

मुझे आदर्श और मुझसे बहुत प्रेम करने वाला जीवनसाथी मिल सकता है।

 मैं अपने बिलों का भुगतान कर सकता हूं।

 मैं पूर्णतया व्यवस्थित एवं आनंद पूर्ण जीवन जी रहा हूं।

              इस प्रकार जब हम कृतज्ञता महसूस करते हैं तो जो भी हमारे विचार और मानसिकता बनती है वह चुंबक की तरह उन्हीं चीजों को खींचती है जो हमारे मानस पटल में रहते हैं अतः कृतज्ञता , हमारे पास जितनी अधिक होती है उतनी ही अधिक समृद्धि को हम आकर्षित करते हैं। कृतज्ञता सहित धन्यवाद देने की क्रिया पाने  की प्रतिक्रिया को शुरू कर देती है। आपके द्वारा पाने की मात्रा आपके द्वारा दी गई कृतज्ञता की मात्रा के समान होती है


     हम अपने आसपास देखें तो प्रकृति के द्वारा हवा, पानी, सूर्य की रोशनी, हरे भरे पेड़-पौधे, वनस्पति और जड़ी बूटियां आदि अनेकानेक चीजें हमें निशुल्क मिल पा रही  हैं। यदि हम अपने आस पास देखें तो पाते  हैं कि इस संसार में  हर वो चीज जो हमें उपलब्ध  है वो हमारी नियामत है , आशीर्वाद है।

      समाज के सभी संबंध माता-पिता,पति-पत्नी,भाई- बहन, बंधु-बांधव,मित्र आदि से भी हमें कहीं ना कहीं हमारे जीवनयापन में सहज सहायता मिल रही है। विशेषतौर से माता-पिता के प्रति तो संतान को सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए क्योंकि उनके ही कारण आज हम इस धरती और समाज में उपलब्ध सभी साधनों का उपभोग करने में सक्षम बन सके हैं।

   हमें बेहतर स्वास्थ्य ,संबंधों ,अधिक खुशी ,अधिक धन और नौकरी, कैरियर या कारोबार की उन्नति के प्रवाह को गति देने के लिए और चमत्कारिक उपलब्धियां पाने के लिए कृतज्ञता का अभ्यास करना चाहिए।

न्यूटन का नियम है –“आप जो देते हैं वही पाते हैं समान मात्रा में।“ अर्थात यदि आप कृतज्ञता की भावना को बढ़ा देते हैं तो आपके जीवन में परिणाम भी आपकी भावनाओं के समान ही बढ़ जाएंगे। हम जितनी सच्ची भावना और  ज्यादा ईमानदारी से कृतज्ञ होते हैं हमारा जीवन भी उतनी ही तेजी से बदलेगा। कृतज्ञता के अभ्यास से हमारे जीवन में स्वास्थ्य, शरीर,धन ,संबंध ,व्यक्तिगत इच्छाएं ,भौतिक वस्तुएं , कैरियर और कामकाज नाटकीय रूप से बदल सकते  हैं   ।

दुनिया में सफल लोगोंमशहूर वैज्ञानिकों और महापुरुषों ने सदैव कृतज्ञता का अभ्यास किया और उससे बड़ी से बड़ी उपलब्धियों को प्राप्त करके मानव समाज में एक आदर्श स्थापित किया है। 

अल्बर्ट आइंस्टाइन की वैज्ञानिक खोजें उनको एक विराट उपलब्धि वाला बना देती हैं। जब उनसे इन विराट उपलब्धियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ दूसरों को धन्यवाद देने की बात कही। उन्होंने कहा कि मैंने दिन में 100 से अधिक बार लोगों का धन्यवाद किया है।

आइज़क न्यूटन से जब पूछा गया उन्होंने यह सारी वैज्ञानिक खोजें कैसे कर पाए। उन्होंने भी यही जवाब दिया कि उन्होंने सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त कर उन विराट लोगों के आशीर्वाद-रुपी कंधों पर खड़े होकर ही यह उपलब्धि प्राप्त कर सके।

इतिहास में अन्य मशहूर लोगों में गांधीजी, मदर टेरेसादलाई लामाशेक्सपियर , आइंस्टाइन आदि बहुत सी ऐसी हस्तियां है जिन्होंने कृतज्ञता के द्वारा स्वयं को महापुरुषों की श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया। आज के समय में भी अमिताभ बच्चन , धीरूभाई अम्बानी, नवाज सिद्दकी आदि कई सफल लोगों के उदाहरण हमारे सामने हैं।

कृतज्ञता और  प्रतिउपकार मनुष्यता के प्राथमिक चिन्ह है। सज्जनता और सहकारिता के आधार पर ही आदमी आगे बढ़ता है , ऊंचा उठता है और सफलता प्राप्त कर लेता है 



कृतज्ञता का अभ्यास कैसे करें  ? 

How to practice Gratitude ? 

            हम अपनी जीवन में आसानी से उपलब्ध चीजों को नहीं गिनते हैं वरन हम अनजाने में ,उन चीजों के बारे में बात करते हैं जो हमारे पास नहीं है तो हम निश्चित रूप से नकारात्मक चीजों को गिन रहे होते हैं। गिनकर नियामतें खो देने से बेहतर यह है कि हम अपनी नियामतें  गिनते समय गिनती भूल जाएं। 

                                                    

  •  सुबह जागने के साथ ही जितनी जल्दी हो सके अपनी नियामतें  गिने।
  • अधिक से अधिक कृतज्ञता महसूस करने के लिए आप सृष्टि, ईश्वर ,परमात्मा या जो भी अवधारणा आप को आकर्षित करती हो उसके प्रति कृतज्ञ हो सकते हैं। 
  • आप अपने घर ,परिवार ,मित्रों, कामकाज और पालतू पशुओं के लिए कृतज्ञ हो सकते हैं। 
  • आप सूरज के लिए कृतज्ञ हो सकते हैं , उस पानी के लिए जो आप पीते हैं ,उस भोजन के लिए जो आप खाते हैं ,उस हवा के लिए जिसमें आप सांस लेते हैं ,इनमें से किसी के बिना भी आप जीवित नहीं होते ।
  • आप वृक्षों, पशुओं ,समुद्रों,पक्षियों ,फूलों ,पौधों ,नीले आसमान ,वर्षा ,तारों ,चंद्रमा और हमारे सुंदर ग्रह पृथ्वी के लिए कृतज्ञ हो सकते हैं।
  • आप अपनी इंद्रियों के लिए कृतज्ञ हो सकते हैं ,जिन आंखों से आप देखते हैं ,जिन कानों से आप सुनते हैं ,जिस जीभ से आप स्वाद लेते हैं, जिस नाक से आप गंध लेते हैं और जो त्वचा आपको महसूस करने में समर्थ बनाती है ।
  • आप उन पैरों के लिए कृतज्ञ सकते हैं जिनके सहारे आप चलते हैं
  • अपने हाथों के लिए जिनकी मदद से आप लगभग हर काम करते हैं
  •  अपनी आवाज के लिए जो आपको स्वयं को अभिव्यक्त करने तथा दूसरों से संवाद करने में समर्थ बनाती है
  • आप अपने अद्भुत प्रतिरक्षा तंत्र के लिए धन्यवाद दे सकते हैं जो आपको स्वस्थ रखता है 
  •  अपने सभी अंगों के लिए जो आपके शरीर में जीवन को बनाए रखने के लिए काम करते हैं और आपके मानव मस्तिष्क की भव्यता का क्या कहना जिसकी बराबरी संसार की कोई भी कंप्यूटर टेक्नोलॉजी नहीं कर सकती 


        आज  जो कुछ भी  हम हैं , वो  समाज के सहयोग एवं अनुग्रह के  फल   स्वरुप ही हैं।इस प्रकार जीवन में सहज रूप से हम सभी नियामतों  के प्रति कृतज्ञ रह सकते हैं और अपनी कृतज्ञता व्यक्त करके उनको अपने जीवन में और अधिक बढ़ा सकते हैं। कृतज्ञता का अभ्यास हम अपने जीवन में जितना अधिक बढ़ाते जाते हैं उतने ही अधिक चमत्कारिक परिणाम और अनुभव देखने को मिलते चले जाते हैंसहज कृतज्ञता उपयोगकार की उन्नति का ग्राफ और सफलता यही कहती है कि हमें भी अपना कर्तव्य पालन करना चाहिए और उन्नत समाज की संरचना में समुचित योगदान करना चाहिए। इस प्रकार हमारा जीवन खुशियों से भर जाता है और हम परमानंद में अपना जीवन सहज रूप से जीते रहते हैं। 


हम सभी को कृतज्ञता का अभ्यास अपने जीवन में सफलता और परमानंद के लिए  बहुत जरूरी है , इसको अवश्य करना चाहिए। 

GRATITUDE-WILL CHANGE THE LIFE. कृतज्ञता से जीवन बदल जाएगा।  

 

कृतज्ञता एक वृहद विषय है, अभी संक्षिप्त में ही कुछ लिखा है ,आगे  और अधिक लिखता रहूंगा।  आपको इससे सम्बंधित और क्या जानकारी चाहिए तो  कृपया नीचे कमेंट बॉक्स में टिप्पणी अवश्य लिखिए और अपने मित्रों के साथ भी इस जानकारी को शेयर कीजिये...राघवेंद्र  

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 



Previous
Next Post »

9 टिप्पणियाँ

Click here for टिप्पणियाँ