कोविड-19 : कोरोना वायरस का डर, सम्पूर्ण सच ( Covid-19 : Fear of Corona virus, Absolute Truth )

कोविड-19 : कोरोना वायरस का डर, सम्पूर्ण सच 
( Covid-19 :  Fear of Corona virus, Absolute Truth )
 

आज कोरोना महामारी और कोरोना वायरस के कारण हमारे जीवन में व्यापक बदलाव आए हैंवर्तमान समय में हमारे निजी जीवन पर ही नहीं बल्कि हमारे रिश्तों पर भी इसका प्रभाव पड़ा है। लेकिन महामारी के इस दौर में हम ख़ुद को और अपनो को कैसे बचाएं और कैसे सुरक्षित रखें इसके लिए तमाम तरह की जानकारी, सुझाव और सलाह मौजूद हैं।


कोरोना वायरस का डर आज वातावरण से ज्यादा इंसान के दिमाग पर छाया हुआ हैकोरोनावायरस से संक्रमित होने के बाद किसी व्यक्ति की मौत होने या उसका बच जाना तमाम अलग-अलग कारकों पर निर्भर करता है


भारत में उस आदमी को 'ठीक हो गया' माना जाता है जिसका कोरोना टेस्टपॉज़िटिव’ पाए जाने के कुछ हफ़्तों बाद टेस्ट रिपोर्टनेगेटिव’ आता है

आज समाज में सभी लोगों के बीच कोरोना टेस्ट का ये निगेटिव और पॉजिटिव होने के सम्बन्ध में एक तर का भय व्याप्त है , जिसको दूर कर हम सभी को  इसका मुकाबला करना होगा। इस डर को समाप्त करना होगा तभी हम इस पर व्यापक तौर पर जीत हासिल कर सकते हैं।


कोरोना महामारी से बुरी तरह से प्रभावित देशों की तुलना में भारत में ठीक होने वाले लोगों का अनुपात बेहतर है ये अनुपात बेहतर होना अच्छी बात है क्योंकि इसका मतलब ये हुआ कि भारत में कोरोना संक्रमित लोग अमरीका और ब्राज़ील की तुलना में जल्दी ठीक हो रहे हैं


कोरोना वायरस और इससे पैदा हुई महामारी ने दुनिया के विभिन्न समाजों में बीमारी, मृत्यु के साथ-साथ 'भय' भी पैदा किया है


यह भय कई बार बीमारी एवं उसके कारण हुई मृत्यु से भी ज़्यादा भयानक है और 'भय' मनुष्य से हमेशा ग़लती करवाता है।

कोरोना के समय में 'भय' हमारी मनुष्यता एवं मानवीयता को हरा रहा है. भय के कारण हम अपनों की मदद के लिए साक्षात उपस्थित नहीं हैं।

 

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) के अनुसार, कोरोना वायरस (Corona virus ) से ख़ुद को सुरक्षित रखने का सबसे बेसिक और महत्वपूर्ण उपाय है कि :-

  • हम पूर्णतया सफ़ाई से रहें , साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखना सबसे ज़रूरी हैअपने हाथों को समय-समय पर साबुन और पानी से हाथ धोएं या आप चाहें तो एक अल्कोहॉल बेस्ड सैनेटाइज़र भी इस्तेमाल कर सकते हैंइससे अगर आप के हाथ पर वायरस मौजूद हुआ भी तो समाप्त हो जाएगा

  • अपनी आंखों को छूने के साथ, नाक और मुंह पर भी हाथ लगाने से बचें
  • हम अपने हाथ से कई सतहों को छूते हैं और इस दौरान संभव है कि हमारे हाथ में वायरस चिपक जाएअगर हम उसी अवस्था में अपने नाक, मुंह और आंख को छूते हैं तो वायरस के शरीर में प्रवेश की आशंका बढ़ जाती है

 

कोविड19 का क्या है मतलब ?(What does covid-19 stand for? )


जानिए दुनिया में हाहाकार मचाने वाले कोविड-19 के नाम के पीछे का रहस्य जान लीजिए।

दिसंबर के आखिर में जब चीन में इसका पहला मामला सामने आया तो इसे कोराना वायरस फैमिली के विस्तार के रूप में जाना गया। वैज्ञानिकों ने आखिरकार इस विस्तार का नाम 2019-nCoV दिया। 2019 इसलिए क्योंकि वह उस साल पैदा हुआ। नया वायरस होने से नोवेल और कोरोना फैमिली से होने पर CoV नाम दिया गया। इस तरह कोविड-19 कोरोना वायरस डिजिज 2019 ( Coronavirus covid-19 disease ) के नाम से जाना जाने लगा।

यही  Covid-19 full form है, आइये अब जानते हैं कि कोविड-19 क्या है ? कोरोना वायरस या कोविड-19 का अर्थ

कैसे फैलता हैं कोरोना वायरस ?  ( How does the corona virus spread ?)

कोरोना वायरस सांस के जरिए फैलता है और इससे 'वायरल म्यूटेशन' होने या वायरस के बहुत अधिक फैलने की संभावना बनती है

यह बीमारी ज्यादा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में में फैल सकती है जैसे जहां पर ज्यादा लोग इकठ्ठा हैं कोरोना वायरस सांस या छूने से भी फैल सकती हैं छींकने, खांसने से भी फैल सकता है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)  भी इसके लिए कई सारी चेतावनियां जारी कर चुका हैं बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने तो चीन में स्वास्थ्य आपातकाल तक घोषित कर चुका है

 

कोरोना वायरस के लक्षण और बचाव के तरीके 

( Corona virus symptoms and methods of prevention )


कोरोना वायरस का मुख्य लक्षण तेज बुखार है बच्चों और वयस्कों में अगर शरीर का तापमान 100 डिग्री फ़ारेनहाइट (37.7 डिग्री सेल्सियस) या इससे ऊपर पहुंचता है,तभी यह चिंता का विषय है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक कोरोना वायरस से संक्रमित होने पर 88 फीसदी को बुखार, 68 फीसदी को खांसी और कफ, 38 फीसदी को थकान, 18 फीसदी को सांस लेने में तकलीफ, 14 फीसदी को शरीर और सिर में दर्द, 11 फीसदी को ठंड लगना और 4 फीसदी में डायरिया के लक्षण दिखते हैं

 

कोरोना वायरस के लक्षण क्या  होते हैं
( What are the symptoms of corona virus ?)




सबसे अधिक जरूरी बात है की इससे डरें नहीं हर किसी को शक की नजर से देखें आपको पूरी जानकारी पाने की जरूरत है कोरोना वायरस के लक्षणों को समझना बहुत जरूरी है यह वायरस इंसान की किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है आमतौर पर कोरोना वायरस के लक्षण निमोनिया जैसे हो सकते हैं इसमें जुखाम, गले में दर्द, सांस लेने में दिक्कत, खांसी, बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं इससे ग्रस्त लोगों में सांस से जुड़ी समस्याएं, बुखार, खांसी आदि हैं अत्यधिक गंभीर मामलों में संक्रमण की वजह से निमोनिया, सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम, गुर्दे खराब होना और मौत तक हो सकती है

कोविड-19 वायरस, अलग-अलग लोगों को अलग-अलग तरह से प्रभावित करता है संक्रमित हुए ज़्यादातर लोगों को थोड़े से लेकर मध्यम लक्षण तक की बीमारी होती है और वे अस्पताल में भर्ती हुए बिना भी ठीक हो जाते हैं

 कोविड-19 वायरस-अधिक सामान्य लक्षण:

 बुखार, सूखी खांसी, थकान आदि

  कोविड-19 वायरस- कम सामान्य लक्षण:

 खुजली और दर्द,गले में खराश,दस्त,आँख आना,सिरदर्द,स्वाद या गंध का अनुभव नहीं होना,त्वचा पर खरोंच या उंगलियों या पैर की उंगलियों का रंग बिगड़ना आदि

 कोविड-19 वायरस - गंभीर लक्षण:

 सांस लेने में कठिनाई या सांस की तकलीफ़,सीने में दर्द या दबाव,बोल या चल सकना 

कोरोना वायरस से कैसे बचा जा सकता है? ( How can the corona virus be avoided ? )


यदि किसी को अचानक से खांसी की समस्या शुरू हो जाए तो बेहतर होगा आप उनसे उचित दूरी बना के रखें और उनसे कहें कि वह खांसते वक्त अपने मुंह को किसी कपड़े से ढक कर रखें या फिर मास्क लगा लें, कम से कम N95 या N99 क्योंकि इस खतरनाक बीमारी को नॉर्मल मास्क कवर नहीं कर सकता है


ऐसा नहीं है कि सिर्फ खांसने से कोरोना वायरस फैल सकता है बल्कि अगर कोई व्यक्ति खांसी कर रहा है और वह मुंह पर हाथ लगाता है और वही हाथ आपसे मिलाता है तो भी यह फैल सकता है, ऐसे में खाना खाने से पहले हाथों को अच्छे से धोना फायदेमंद होगा

कोरोना वायरस संक्रमण का प्रमुख लक्षण बुखार और सूखी खांसी आना है। अगर आपको ये दोनों लक्षण नज़र रहे हैं तो आपको सावधान होने की आवश्यकता है।

इसके अलावा गले में ख़राश, सिर दर्द, डायरिया जैसे लक्षण भी कुछ मामलों में पाए गए हैं।

बुख़ार- इस वायरस के कारण शरीर का तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है जिस कारण व्यक्ति का शरीर गर्म हो सकता है और उसे ठंडी महसूस हो सकती है।

 विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, अगर आपको ख़ुद में ऐसे लक्षण नज़र रहे हैं तो घर में रहें. अगर लक्षण कम भी हैं तो भी पूरी तरह ठीक होने तक घर पर ही बने रहें।

पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इस वायरस के लिए वैक्सीन हेतु अनुसन्धान कर रहे हैं किन्तु अभी इनके परीक्षण किए जाएंगे और उसके बाद ही कहीं जाकर कुछ स्पष्ट हो सकेगा, अभी इसमें समय लगेगा उपचार के विकल्प हैं किन्तु अधिकतर लोग स्वयं ही ठीक हो जाते हैं।

 

आपको इस महामारी के दौर में मानसिक तनाव हो सकता है। यदि आपको बेचैनी महसूस हो रही हो, आप तनाव महसूस कर रहे हों, परेशान हो रहे हों, दुखी हों, अकेला महसूस कर रहे हों।

कुछ बातें जिससे आप अपने मानसिक स्थिति को बेहतर बनाए रख सकते हैं:--

- अपने दोस्तों और परिवार के लोगों के साथ फ़ोन, वीडियो कॉल या फिर सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क में बने रहें।

- उन चीज़ों के बारे में बात करते रहें जिससे आपको परेशानी हो रही हो।

- दूसरे लोगों को भी समझने की कोशिश करें।

- अपनी नई दिनचर्या को व्यवहारिक तरीक़े से प्लान करें।

- अपने शरीर का ध्यान रखें, नियमित व्यायाम और ख़ान-पान का ध्यान रखें।

- आप जहां से भी जानकारियां ले रहे हों वो क्रेडिबल सोर्स हो और इस महामारी के बारे में बहुत अधिक ना पढ़ें।

- अपने व्यवहार को अपने नियंत्रण में रखें।

- अपने मनोरंजन का भी पूरा ध्यान रखें।

- वर्तमान पर फ़ोकस करें और यह याद रखें कि यह समय चिर-स्थायी नहीं है।

- अपनी नींद को किसी भी तरह से बाधित ना होने दें।

 

सर गंगा राम अस्पताल में सीनियर कंसलटेंट डॉ परमेश्वर अरोरा  का कहना है :--

 “हमें घर से बाहर जाना ही होगा ,जीवन है तो धन भी चाहिए, धन के लिए ऑफिस जाना ही होगा। लेकिन इस कोरोना काल में हमारा बाहर जाना हमारी मजबूरी है, हमारी मजबूती नहीं है

आज जब कोरोना के पेशेंट लगातार बढ़ते चले जा रहे हैं तो वह समय चुका है जब हमें बहुत अधिक अपने को बचाना है। हमें अपनों को बचाना है और आज  घर के मुखिया के तौर पर हमारी जिम्मेदारी यह है कि कुछ नियम घर से बाहर जाने वाले हर व्यक्ति को शेयर करेंगे कि--

  1.  दिन में दो बार गर्म पानी जरूर पिएं
  2. दिन में दो बार कम से कम काली मिर्च या लौंग अवश्य चूसें।
  3. अजवाइन में चुटकी भर सैंधा नमक मिलाकर के पिएं।
  4.  रात में सोने से पहले  हल्दी वाला दूध अवश्य पिएं। और सैंधा नमक गर्म पानी में मिलाकर के गरारे जरूर करें।
  5.  हल्दी और नमक मिले हुए गर्म पानी से भाप जरूर लें और साथ में 11 चीजों का काढ़ा दिन में दो बार लें।

विश्वास कीजिएगा ये सभी प्रयोग कोरोना रक्षक है।

आपको देखना है कि आपका बच्चा इस कोरोना काल में आइसक्रीम ना खाएं , फ्रिज का ठंडा पानी ना पिए , ठंडी चीजें ना ले, दही का सेवन ना करें, क्योंकि यह सब चीजें हैं जो हमारे गले को खराब करती हैं और इस खराब गले में हमारी इम्यूनिटी कम हो जाती है।

यह शब्द इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक शक्ति) जो मैंने बताया तो आपके दिमाग में रिकॉल आएगा। आज के समय पर जब आप टीवी खोलिए , विज्ञापन आते हैं, पूरा विश्व यह मान चुका है कि हमारी इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक शक्ति)  ही एकमात्र ऐसी चीज है जो हमें  इस वायरस से बचा सकती है। दुर्भाग्यवश एलोपैथी में कोरोना की कोई दवा नहीं है  बल्कि उनकी दवाएं हमारी इम्यूनिटी को और कम कर देती है।

दूसरी तरफ यह हमारा सौभाग्य है कि आयुर्वेद में हर दूसरी जड़ी-बूटी हमारे शरीर में इम्यूनिटी बढ़ाने का कार्य करती है और उस बीमारी से बाहर निकालती है। तो हमारे पास आयुर्वेद ( Ayurveda )  है , हमें इस पर अपना विश्वास और श्रद्धा दिखानी होगी।

आपको यदि उदाहरण चाहिए ,प्रमाण चाहिए तो आप एनालिसिस कीजिए।  कोरोना मरीजों की एक बड़ी संख्या के आंकड़े और कैजुअल्टीज का अमरीका यूरोप जैसे देश में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। जबकि वहां पर बेस्ट मेडिकल फैसिलिटीज और शिक्षा है ।जबकि भारत में मेडिकल फैसेलिटीज कम है , फिर भी यहां पर यूरोपियन देशों की तुलना में कोरोना मरीजों की संख्या बहुत कम हैं और कैजुअल्टीज में भी बहुत कम है।

 इसका पूरा श्रेय अगर मैं देना  चाहता हूं तो आयुर्वेद को और हमारे अपने किचन के मसालों को। यदि आपको इसका एक  और उदाहरण चाहिए ,एक और प्रमाण चाहिए तो भारत देश में केरल राज्य जहां पर कोरोना इंफेक्शन के मरीजों को पहले दिन से ही  आयुर्वेदिक औषधियां देनी शुरू कर दी गईं। वहां पर रिकवरी रेट लगभग 95% है जबकि पूरे देश में यह रेट 35% से 40% है।

 आज के समय में जब हमारा वेस्टर्न वर्ल्ड कोई मेडिसिन नहीं दे पा रहा है तो ऐसे में आप आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति पर विश्वास कीजिए। हमें अपनी श्रद्धा दिखाने की आवश्यकता है और विश्वास कीजिए हमारे चिकित्सक जो कई वर्षों से आयुर्वेद को हर दिन सैकड़ों मरीजों  पर आजमा रहे हैं आपको बताना चाहते हैं कि यह सारे गरम मसाले आपके लिए बहुत अच्छे हैं। यह कोरोना पर बहुत भारी पड़ सकते हैं लेकिन आपको इन्हें प्रतिदिन इस्तेमाल करना होगा

मैं फिर कहता हूं कि आज बाहर निकलना हमारी मजबूरी है , मजबूती नहीं है। इसलिए जब भी कोई सामने आए तो आपको एक ही बात सोचनी है कि

तुझे भी करोना, मुझे भी करोना और तब जानिए कि कुछ नहीं होना। 

इसलिए सावधानी बरतें , कोरोना से कुछ नहीं होना।

बस आपको सावधानी बरतते हुए इस कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग,  मास्किंग और हैंड सैनिटेशन , हाइजीन, इन सब को बहुत अच्छे से फॉलो करना है।"

कोरोना वायरस से ठीक होने में कितना समय लगता है?

 (What is recovery time for  the coronavirus disease?)

 

कोरोनावायरस का इलाज घर पर कैसे करें?

  1.  नंबर 1 हमारे शरीर में ऑक्सीजन लेवल कम होने को हैप्पी हाइपोक्सिया ( Happy hypoxia ) कहते हैं ,हाइपोक्सिया में ऑक्सीजन लेवल 95 से नीचे नहीं होना चाहिए।
  2. ब्लड गाढ़ा हो जाता है, ब्लड पतला करने की दवा लें, अगर संभव हो तो होम कैरोटीन में रहें, एक कमरे में आइसोलेट होकर रहें ,ऑक्सीजन लेवल और टेंपरेचर चेक करते रहें ।
  3. बिना मास्क पहने 3 फीट के कम अंतर से किसी से भी बात न करें, किसी भी मरीज के पास 15 मिनट से ज्यादा ना रहे।
  4. हमेशा भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचें सोशल डिस्टेंसिंग हाइजीन और इम्यूनिटी का पालन करें।
  5. डायबिटीज वाले शुगर फ्री चवनप्राश का प्रयोग करें
  6. पुदीना पत्ते या अजवाइन की भाप लें।
  7. ध्यान रहे, इम्यूनिटी हमेशा स्मोकिंग, डायबिटीज ,हार्ट  प्रॉब्लम ,किडनी प्रॉब्लम के कारण कम होती है
  8. इम्यूनिटी के के लिए क्या खाएं ,इम्यून सिस्टम को कैसे मजबूत बनाएं। हल्दी, अदरक, दालचीनी को पानी या दूध में ले सकते हैं।
  9. तुलसी, काली मिर्च ,दालचीनी, छोटी इलायची, लॉन्ग, जीरा, धनिया, आदि मसालों का प्रयोग काढे के रूप में भी कर सकते हैं। दिन में कम से कम दो बार काढ़ा प्रयोग करें।
  10. विटामिन बी , डी, ई ,फ्लोरिक एसिड ,विटामिन सी के लिए टमाटर ,आंवला, संतरा, नींबू, मौसम्बी आदि का प्रयोग करें और इन को किसी भी गर्म चीज के साथ ना लें।
  11. हल्दी ,अदरक, लहसुन, जीरा, काली मिर्च, अजवाइन, यह सब Anti-inflammatory होते हैं।
  12.  इसके साथ में ही फिजिकल एक्सरसाइज, पॉजिटिव एटीट्यूड, योगासन, प्राणायाम, 7- 8 घंटे की पर्याप्त नींद, अनुलोम- विलोम आदि का भी प्रयोग करें इससे भी आपकी इम्यूनिटी बढ़ेगी।
  13. हल्दी वाला दूध दिन में दो बार पीने, नियमित हाथ धोने और पर्सनल हाइजीन पर अधिक ध्यान दें।
  14. गर्म पानी पियें और लोंग चूसें । पान के पत्ते में कत्था, लोंग, इलायची डालकर चूसें
  15. हल्दी और नमक के पानी की भाव ले और गर्म पानी से गरारे करें।
  16. नाक में तिल या नारियल का तेल लगाएं, फिर घी लगाएं। तभी घर से बाहर निकले।

यह आयुर्वेदिक औषधियां और मसाले ना सिर्फ आपकी इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं बल्कि आपको कोरोना पर पूर्ण विजय प्राप्त करने में भी मदद करेंगे।

 

कोरोना कितना सच ? कितना झूठ ? ( How true is corona? How much lie? )

 नया कोरोना वायरस बुजुर्गों को ज्यादा प्रभावित करता है।

सच्चाई : अभी तक मिले आंकड़ों के मुताबिक, हर उम्र के लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं। बुजुर्ग या ऐसे लोगों को, जिन्हें पहले से अस्थमा, डायबिटीज, हृदय रोग जैसी समस्याएं हैं, इस वायरस संक्रमण से ज्यादा समस्याएं हो सकती हैं, क्योंकि उनकी इम्युनिटी कमजोर होती है। WHO ने हर उम्र के लोगों को सलाह दी है कि वे साफ-सफाई की आदतें बनाए रखें।

गर्म पानी से स्नान करने पर वायरस का प्रकोप कम हो जाएगा।

सच्चाई : तापमान का कोई प्रभाव वायरस पर नहीं पड़ता। यहां भी वही थ्योरी काम करती है कि इंसान के शरीर का तापमान 36.5 से 37.5 डिग्री सेल्सियस रहता है,भले ही बाहरी तापमान कितना भी हो। ज्यादा गर्म पानी से नहाने पर त्वचा ड्राई हो सकती है। इसका एकमात्र उपाय है, एल्कोहलयुक्त हैंड रब से बार-बार 30-60 सेकंड्स तक हाथों की सफाई।

 

कोरोना की सच्चाई क्या है ? क्या है कोरोना वायरस ?

 ( What is corona’s truth ? What is corona virus ? )

 

डॉ विश्वरूप राय चौधरी ( जो फरीदाबाद में प्रसिद्ध डायबिटीज स्पेशलिस्ट हैं ) का कहना है कि—

 "कोरोना भय या डर का व्यापार है। भारत में अभी कोरोना से मृत्यु दर कम हो गई है डायबिटीज ,किडनी फेलियर ,हार्ट अटैक आदि अन्य समस्याओं से लोग प्रभावित होकर मर रहे हैं और गिनती कोरोना वायरस  में हो रही है।

कोरोनावायरस एक फ्लू है जो आता है, इससे डरें नहीं, इसका मुकाबला करें। शुरुआत में काफी लोग तो गलत ड्रग्स द्वारा उपचार के कारण ही मरे।  www.biswaroop.com पर वह बताते हैं कि चार टमाटर या दो मौसंबी या तीन आम खा लें तो 0.2 ग्राम विटामिन सी हमको मिल जाता है ।और हमको कोरोना नहीं होगा।

नियमित तौर पर धूप और हवा का सेवन भी हमको कोरोना से बचा कर रख सकता है।

उनका कहना है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के रिसर्च पेपर में लॉकडाउन कोई असर नहीं करता और ना ही कोई जान बचा सकता है। आज पूरी दुनिया में कोरोना के भय को फैलाने के लिए लॉकडाउन किए जा रहे हैं फिर भी इस पर काबू पाने में लगभग सभी देश असमर्थ हैं।

लॉकडाउन से हमारे शरीर की इम्यूनिटी कम होती है, मानसिक शांति भंग होती है और सामाजिक शांति और सौहार्द्र भी बिगड़ता है

बस अपनी इम्युनिटी को ठीक रखें, कोरोना से भयमुक्त होकर इसको मात्र एक कॉमन कोल्ड समझकर इसका इलाज करें।

डॉ चौधरी के अनुसार यदि कोरोना संक्रमित हो भी जाएं  तो 0.2 ग्राम विटामिन सी लगातार पेय पदार्थों के रूप में लेते रहें।

 अपने शरीर के वजन का लगभग दसवां भाग अर्थात जैसे आपका वजन 60 किलोग्राम है तो 6 बड़े गिलास संतरा, पाइनएप्पल या मौसंबी का जूस और 6 गिलास नारियल पानी लें। अन्य कुछ भी न खाएं।

 2 से 3 दिन तक इसी प्रकार इन पेय पदार्थों का उपयोग करते रहें फिर तीसरे दिन दोपहर बाद से खाने में हरी सब्जियां, खीरा ,टमाटर और सलाद का प्रयोग करें। विश्वास मानिए कि आप 3 से 4 दिन में पूर्णतया ठीक हो जाएंगे फिर अपना दैनिक पोषक आहार ही लें। जिनसे कि हमें रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद मिले।

 

कोरोना का भय / कोरोना का डर ( Covid-19 : Fear of Corona )

जानेमाने चिन्तक जॉर्जियो अगम्बेन ने कोरोना पर अपनी राय जाहिर करते हुए एक महत्वपूर्ण बात कही हैं

 यह लगता है हम एक ऐसा समाज है, जिसके पास अपने को जीवित  रखने के सिवाय और कोई मूल्य नहीं है, लगता है हम सिर्फ़ बेयर लाइफ़ (मात्र जीवन) में विश्वास करने लगे हैं और किसी चीज़ में नहीं"

"हम इस भय में अपने सहज जीवन के सभी मूल्य यथा मित्रता, समाजिक संबंध, काम, स्नेह, धार्मिक और राजनीतिक लगाव सब भूलने से लगे हैं

इस भय में हम सभी को कोरोना फैलाने वाला 'संभावित देह' के रूप में देखने लगे हैं. हमारी बस एक ही चिंता रह गई है शायद - कि कहीं हम बीमार हो जाएँ"

भय और सचेतता एवं सावधानी में फ़र्क होता है कोरोना जनित परिस्थिति में हमें सचेत, सजग एवं सावधान तो रहना चाहिए, लेकिन भय को उस चूहे में नहीं बदलने देना चाहिए जो हमारे भीतर रह कर हमारी मानवीयता को कुतरता जाए

भय के अति विस्तार को रोकने के लिए ज़रूरी है कि हम अपने भीतर की संवेदना को जीवित रखें यही संवेदना हमारे भय को हमारा ही दुश्मन होने से रोक पाएगा

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी ने भी सोशल डिस्टेसिंग करते हुए इमोशनल क्लोज़नेस  बनाने की बात कही हैइसी से हम मानवीयता एवं अपनी दुनिया को बचा भी पाएँगे और उसे जीने लायक बना भी पाएँगे

हमारी संवेदना और इम्युनिटी के द्वारा आसानी से हम इन सभी नियमों का पालन करते हुए कोरोना वायरस पर विजय  प्राप्त कर सकेंगे और अपने परिवार और समाज सुलभ जीवन आनंद पूर्ण तरीके से जी सकते है

  यदि आपको यह लेख जिसमें कोरोना वायरस पर सम्पूर्ण जानकारी  प्रस्तुत की गई है , उपयोगी लगे तो अपने मित्रों के साथ शेयर करें  और यदि आप कुछ टिप्पणी करना चाहते हैं तो कृपया  अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में लिखिए

आपका शुभेच्छु : राघवेंद्र 

 


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2 टिप्पणियाँ

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28 जुलाई 2020 को 4:44 pm ×

महत्वपूर्ण जानकारी

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